Search
  • deepak9451360382

#Dipawali#Diwali#Shubh Dipawali#E Pooja#online DIWALI Puja#E Diwali Puja MUMBAI#E DIWALI PUJA KANPUR

Updated: Oct 1

सेवा में

संपादक महोदय

उक्त विज्ञप्ति को समाचार पत्र में उचित स्थान प्रदान करने का कष्ट करें

धनतेरस

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस की मनाई जाती है जो कि इस इस दिन बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदारी शुभ रहती है भूमि भवन वाहन ज्वेलरी खरीदना भी शुभ रहता है भारतीय ज्योतिष अतः विष्णु लक्ष्मी योग का निर्माण होता है मां लक्ष्मी धन वर्षा करती है उक्त जानकारी कानपुर के पंडित दीपक पांडे ने दी.

विष्णु पुराण के अनुसार विष्णु तुम समझ क्यों शककी अर्धांगिनी मां लक्ष्मी धनतेरस पर अपने भक्तों पर सुख समृद्धि की वर्षा करती हैं और इस वर्ष कुछ ऐसा संयोग है हस्त नक्षत्र का सहयोग होगा और इस दिन भद्रा का दुष्प्रभाव नहीं इस दिन प्रदोष और धनत्रयोदशी का सहयोग बहुमूल्य वस्तुएं बर्तन वाहन भूमि भवन आदि का क्रय करना शुभ माना गया है चांदी एवं पीतल के बर्तन की खरीदारी के लिए भी यह समय उपयुक्त है.

धनत्रयोदशी को मुहूर्त ज्योतिष में अबूझ मुहूर्त के रूप में माना गया है इस दिन विवाह को छोड़कर प्रायः सभी शुभ कार्य किए जाते हैं प्रातः काल यमुना स्नान और धन्वंतरी पूजन दोपहर में बर्तन आभूषण की खरीदारी सायं काल दीपदान और रात्रि में कुबेर के पूजन का महत्व है सूर्यास्त के 52 मिनट तक दीप दान करना शुभ माना गया है.

पंडित दीपक पांडे ने बताया कि पौराणिक शास्त्रों में उल्लेख है धनत्रयोदशी पर नया बर्तन लेने से सौभाग्य एवं समृद्धि में वृद्धि होती है लेकिन इस बार धन एकत्र करना शुरू करते हैं तो जिनका अपना घर नहीं है आगामी वर्ष तक अपना घर बना सकते हैं धनतेरस पर मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा अर्चना करने से धन धन एवं संपदा की प्राप्ति होती है

धनतेरस पर किसी को कोई वस्तु ना दे उधार इसके अलावा बाजार से नवीन बर्तन वस्त्र दिवाली के लिए लक्ष्मी गणेश पूजन सामग्री खील लैया गट्टा आदि और सोने चांदी के जेवर आदि खरीदें. धनतेरस पर जन्मे थे धनवंतरी धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से धनतेरस अत्याधिक महत्वपूर्ण है धनतेरस को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के जन्मदाता धन्वंतरि वैद्य समुद्र से अमृत कलश लेकर के प्रकट हुए थे इसलिए इन्हें धनतेरस को धन्वंतरी जयंती भी कहा जाता है इस दिन वैध हकीम और ब्राह्मण समाज धन्वंतरी भगवान का पूजन करते हैं

आपका


0 views0 comments

Recent Posts

See All

DIWALI

महालक्ष्मी पूजन की दिव्य विधि!!!!!!!! सरसिजनिलये सरोजहस्ते धवलतरांशुकगन्धमाल्यशोभे। भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञे त्रिभुवनभूतिकरि प्र सीद मह्यम्।। अर्थात्-कमलवासिनी, हाथ में कमल धारण करने वाली, अत्यन्त धवल

DIWALI

सेवा में संपादक महोदय विषय . अन्नपूर्णा खजाना लुटाती हैं काशी में महोदय . काशी पूरा आधी श्री मां अन्नपूर्णा अपने वासियों के लिए वर्ष में 4 दिन भक्तों को खजाना देती है धनतेरस से अन्नकूट के ब